2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के गेम चेंजर बनेंगे अमित शाह, सीक्रेट प्‍लान तैयार

बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने अभी से 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर अपना सीक्रेट प्‍लान तैयार कर लिया है। जानिए क्‍या है रणनीति ?

New Delhi Sep 25 : हमेशा कामयाबी उसी व्‍यक्ति को मिलती है जो भविष्‍य को ध्‍यान में रखकर प्‍लानिंग करता है। इस काम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह का कोई जवाब नहीं है। अमित शाह पिछले कई महीनों से 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपना सीक्रेट प्‍लान भी तैयार कर दिया है। इस प्‍लान को फुलप्रूफ बनाने की हर मुमकिन कोशिश की गई है। अगर अमित शाह का प्‍लान 2019 सफल रहा तो यकीन मानिए अगली बार भी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष सिर्फ भारतीय जनता पार्टी की इस जीत को टापता रह जाएगा।

अमित शाह ने अभी से साल 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर पार्टी का एजेंडा और टॉरगेट सेट कर दिया है। अमित शाह ने पार्टी के सभी नेताओं को 350 प्‍लस सीट जीतने का लक्ष्‍य दिया गया। इसके अलावा 18 राज्‍यों की करीब सवा सौ सीटों पर शाह की ओर से खास प्‍लानिंग की गई है। बताया जा रहा है कि यहां पर वर्चस्‍व की लड़ाई देखने को मिलेगी। इसमें ज्‍यादातर वो सीटें हैं जिन्‍हें 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी बेहद ही कम मार्जिन से हार गई थी। शाह का मानना है कि अगर इन सीटों पर जीत हासिल कर ली गई तो बीजेपी के अश्‍वमेघ घोड़े को कोई नहीं रोक सकता है। उस सूरत में 350 प्‍लस का टॉरगेट भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। बीजेपी इन सीटों पर पहले से ही उम्‍मीदवार तय कर देगी।

अमूमन पार्टी की ओर से उम्‍मीदवारों के नाम का एलान उस वक्‍त किया जाता है जब चुनावों की घोषणा हो जाती है। उस वक्‍त कई बार टिकट बंटवारे को लेकर घमासान भी मचता है और कई लोग बगावत भी करते हैं। लेकिन, अगर पहले ही उम्‍मीदवारों के नामों का एलान कर दिया गया तो यकीनन ना तो बगावत की गुंजाइश बचेगी और ना ही किसी दूसरे विरोध की। उम्‍मीदवार भी जीत के लिए जी-जान एक कर सकेगा। अमित शाह के सीक्रेट प्‍लान के तहत करीब ढाई लाख हारे हुए सरपंचों को भी पार्टी से जोड़ने की तैयारी है। अमित शाह की पहली कोशिश ये होगी कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और दूसरे दलों की परंपरागत सीटों पर कब्‍जा किया जाए। ये रणनीति उसी का अहम हिस्‍सा है।

इसके साथ ही अमित शाह के सीक्रेट प्‍लान में ज्‍यादा से ज्‍यादा यूथ वर्कर्स को भी पार्टी से जोड़ने का लक्ष्‍य है। इसके लिए बाकायदा पार्टी की ओर से कंपेन भी चलाया जाएगा। दलित नेताओं की अलग से टोली बनाई जाएगी। जिसका सारा का सारा फोकस आरक्षित सीटों पर होगा। अमित शाह की ओर से एंटीइंकमबेंसी से भी निपटने के लिए खास रणनीति बनाई गई है। अमित शाह की प्‍लानिंग के तहत गांवों में ज्‍यादा फोकस किया जाएगा। ताकि ग्रामीण क्षेत्र के वोटरों को बीजेपी के प्रति रिझाया जा सके। बीजेपी को हर बार की तरह इस बार भी संघ का पूरा सपोर्ट मिलेगा। बताया जा रहा है कि 2019 के रण के लिए जल्‍द ही बीजेपी नेताओं और संघ परिवार के वरिष्‍ठ नेताओं के बीच मीटिंग भी होने वाली है। अमित शाह का फोकस सोशल मीडिया पर भी बहुत ज्‍यादा है।