उरी में इंडियन आर्मी का ‘सिक्सर’, मार गिराए जैश-ए-मोहम्मद के छह आतंकी

कश्‍मीर के उरी सेक्‍टर में इंडियन आर्मी के जवानों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्‍मद के छह आतंकी मारे गए हैं।

New Delhi Jan 15 : सेना दिवस के मौके पर जहां एक ओर भारतीय सेना के जवान दिल्‍ली में अपने जौहर का प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बार्डर पर तैनात जवानों ने भी बहादुरी और मुस्‍तैदी का परिचय देते हुए बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। कश्‍मीर के उरी सेक्‍टर में इंडियन आर्मी के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे जैश-ए-मोहम्‍मद के छह फिदायीन आतंकियों को मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। माना जा रहा है कि ये आतंकी कश्‍मीर में किसी बड़े मिशन को अंजाम देने की नियत से घाटी में दाखिल हुए थे। उरी के जिस इलाके में इंडियन आर्मी के जवानों और जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई वहां पर इस वक्‍त सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं कोई और आतंकी तो यहां पर नहीं छिपा हुआ है। पांच आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि आर्मी की ओर से कर दी गई है। जबकि छठे आतंकी के मारे जाने की पुष्टि होनी बाकी है।

जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के महानिदेशक एसपी वैद्य ने बताया कि जैश-ए-मोहम्‍मद के ये आतंकी उरी सेक्‍टर के दुलांजा से कश्‍मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। लेकिन, इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर सुरक्षाबलों को मिल गई। जिसके बाद फौरन ही पूरे इलाके को घेरकर यहां पर ज्‍वाइंट ऑपरेशन शुरु कर दिया गया। जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों को मार गिराने के लिए जो ज्‍वाइंट ऑपरेशन चलाया गया उसमें सेना के जवानों के साथ सीआरपीएफ और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के जवानों को भी शामिल किया गया था। जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के महानिदेशक एसपी वैद्य ने सुरक्षाबलों की इस बड़ी कामयाबी पर जवानों को बधाई दी है। इससे पहले शनिवार को भी आतंकवादियों ने कश्‍मीर में घुसपैठ की कोशिश की थी। जिसे नाकाम कर दिया गया था। इसके साथ ही आतंकियों ने शनिवार को ही श्रीनगर-बारामूला हाईवे पर आईईडी लगाई थी।

लेकिन, सुरक्षाबलों के जवानों ने इस आईडी को नष्‍ट कर दिया था। माना जा रहा था कि आईईडी सुरक्षाबलों के किसी वाहन को उड़ाने के लिए लगाया था। सुबह करीब तीन बजे आईईडी की जानकारी मिली थी। जिसके बाद राष्‍ट्रीय रायफल और सीआरपीएफ के जवानों ने इसे डिफ्यूज कर दिया था। जिससे बड़ा हमला टल गया था। गणतंत्र दिवस को देखते भी सुरक्षाबलों ने कश्‍मीर में चौकसी बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक सोमवार की सुबह ही सुरक्षाबलों को खबर मिल गई थी जैश-ए-मोहम्‍मद के कुछ आतंकी उरी के दुलांजा इलाके से घुसपैठ की कोशिश में हैं। इसके बाद फौरन ही यहां पर ऑपरेशन शुरु कर दिया गया था। जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी इससे पहले भी उरी में सेना के कैंप पर हमला कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी जैश-ए-मोहम्‍मद के ये आतंकी कश्‍मीर में किसी बड़े हमले की ही फिराक में थे।

कश्‍मीर में इंडियन आर्मी के जवान इस वक्‍त ऑपरेशन ऑल आउट चला रहे हैं। इंडियन आर्मी के ऑपरेशन ऑल आउट में अब तक दो सौ से भी ज्‍यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। इसके साथ ही आतंकियों की कई घुसपैठ की कई कोशिशों को भी नाकाम किया जा चुका है। इससे पहले 28 सितंबर को भी जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों ने उरी के ही जोरावर इलाके से घुसपैठ की कोशिश की थी। लेकिन, उस दौरान भी सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मार गिराया था। तब तीन दिन में इस इलाके में पांच आतंकी मारे गए थे। इससे पहले आर्मी चीफ बिपिन रावत भी ये स्‍पष्‍ट कर चुके हैं कि कश्‍मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सैन्‍य ऑपरेशन रोका नहीं जाएगा। बल्कि बदली रणनीति के तहत चलेगा। अब आर्मी की पूरी कोशिश है कि आतंकियों को बार्डर पर ही मार गिराया जाए। इसके साथ ही आर्मी अब पाक की उन चौकियों को भी निशाना बना रही है जहां से आतंकवादियों को घुसपैठ के लिए मदद पहुंचाई जाती है।