पूर्वजों के ‘पुण्य’ से प्रसादित ‘प्रसून’ को कोई पाखण्डी कहां झुका पाएगा !

टीवी पर ‘प्रायोजित’ प्रशंसा के आदी बाबा से ‘टैक्स’ चोरी पर सवाल पूछना पुण्य प्रसून वाजपेयी को इतना महँगा पड़ेगा, उन्होंने कभी सोचा भी न होगा

New Delhi, Mar 12 : बाबा रामदेव के टैक्स चोरी पर सवाल पूछने पर आजतक TV के कार्यक्रम “10 तक” के लोकप्रिय एंकर पुण्य प्रसून वाजपेयी की आजतक से छुट्टी हो गयी। भारत में नक़ली देशी घी की गंगा बहाने वाले इस बाबा से पंगा लेना आसान नहीं है। बचपन में ‘ब्राह्मणों’ द्वारा तथाकथित प्रताड़ित बाबा की ‘आर्थिक-शक्ति’ समूची राजनीतिक व्यवस्था को कभी भी घुटने पर टेकने को मजबूर कर सकती है। बाबा ने विज्ञापन के बल पर लगभग सभी टीवी/प्रिंट मीडिया को ख़रीद रखा हैं।

यह सही कि बाबा रामदेव के योग/आयुर्वेद प्रसार में किए गए कार्यों को कोई नकार नहीं सकता, और व्यवसाय करना भी कोई ग़लत बात नहीं। ramdev2लेकिन भ्रमित करने वाले झूठे विज्ञापन व देश भक्ति की आड़ में ये सब उचित नहीं, बाबा की कुछ प्रॉडक्ट्स अच्छी हैं लेकिन सभी नहीं, यह भी सब जानते हैं।

टीवी पर ‘प्रायोजित’ प्रशंसा के आदी बाबा से ‘टैक्स’ चोरी पर सवाल पूछना पुण्य प्रसून वाजपेयी को इतना महँगा पड़ेगा, उन्होंने कभी सोचा भी न होगा, PP Bajpai1लेकिन पुण्य प्रसून वाजपेयी जैसे कर्तव्यनिष्ट पत्रकार भला कहाँ मनाने वाले हैं।

आख़िर वे ठहरे ‘पुण्य’ और ‘प्रसून’ जैसे विश्लेषणों से सुसज्जित पत्रकार, हर ‘10 तक ‘ के एपिसोड के अंत में पुराने गीत गुनगुनाने वाले पुण्य प्रसून जी को मेरा सलाम, चलो पुण्य प्रसून जी के लिए एक गीत गुनगुनाते हैं …Prasun
‘मैं जिन्दगी का साथ निभाता चला गया हर फ़िक्र को धुंएँ में उडाता चला गया’……… BRAVO !

(रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के फेसबुक वॉल से साभार, ये लेखक के निजी विचार हैं)