गेहूं से ही बनता है आटा और मैदा, फिर आटा सेहत के लिए अच्‍छा और मैदा क्‍यों है अनहेल्‍दी

आटा और मैदा, दोनों ही गेहूं से तैयार किए जाते हैं फिर एक हैल्‍दी और दूसरा अनहैल्‍दी कैसे । अगर आपके मन में भी ये सवाल बार-बार आता है तो जवाब हम आपको देते हैं । आगे पढ़ें पूरी जानकारी …

New Delhi, Jan 11 : अकसर हमने लोगों को ये कहते हुए सुना है कि मैदे से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए । मैदा नुकसान दायक होता है, ये पचता नहीं है । मैदे से अचछा आटे से बनी चीजें खा लो । बहरहाल पहली बात तो हम आपको ये बता दें आटा हो या मैदा दोनों ही गेहूं से ही तैयार किया जाता है । तो अब जब दोनों बनते एक ही अनाज से फिर एक बेहतर और दूसरा हानिकारक कैसे । हम आपको बताते हैं आटा और मैदा में ये फर्क क्‍यों किया जाता है । जानिए आटा और मैदा कैसे तैयार किया जाता है ।

ऐसे तैयार किया जाता है आटा
आटा गेहूं से तैयार किया जाता है । आटा बनाते समय गेहूं को पूरा का पूरा पीसा जाता है । आटापीसते हुए ये ध्‍यान रखा जाता है कि इसे दरदरा ही पीसा जाए, जिसकी वजह से इसमें फाइबर की मात्रा बनी रहती है । इसके अलावा आटे में फॉलिक एसिड, विटमिन ई, विटमिन बी-6 और बी- कॉम्प्लेक्स जैसे विटमिन और मैग्नीशियम, मैग्नीज़, जिंक जैसे कई मिनरल्स भी बने रहते है। ये सभी सेहत के लिए अच्छे होते हैं ।

मैदा, ऐसे किया जाता है तैयार
मैदा, इसे ऑल पर्पज फ्लार या रिफाइंड फ्लार भी कहा जाता है । इसे बनाते हुए यानी की मैदे के गेहूं को पीसने से पहले उसका छिलका हटा दिया जाता है । इसके साथ ही इसे बेहद महीन पीसा जाता है जिसके कारण इसमें मौजूद पोषक तत्‍व खत्‍म हो जाते हैं । मैदे का सेवन करने से कोई खास फायदा नहीं होता है । उल्‍टा ये सेहत को नुकसान पहुंचाता है । आगे पढ़ें मैदा खाने से होने वाले नुकसानों के बारे में ।

मैदा खाने से नुकसान
मैदा बेहद बारीक पिसा हुआ आटा है, ये जल्‍दी से डायजेस्‍ट हीं होता । इसे बहुत अधिक खाने से आपको पाचन संबंधी समस्या हो जाती है। मैदे की अधिक मात्रा का सेवन आगे जाकर अल्सर का कारण भी बन सकती है । कई जगह मैदे में खतरनाक मिलावट की जाती है, इसे चिकना और सफेद बनाने के लिए इसमें कैमिकल और ब्‍लीच मिलाई जाती है । मैदे में ब्लीचिंग के लिए कैल्शियम परऑक्साइड, क्लोरीन, क्लोरीन डाई ऑक्साइड आदि इस्तेमाल किया जाता है, ये सभी सेहत के लिए बहुत बुरे हो सकते हैं ।