मिशन 2019- ये 6 फैसले मोदी सरकार को दुबारा सत्ता में ला सकती है, मध्यम वर्ग को रिझाने की कोशिश में बीजेपी

विश्वस्त सरकारी सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार तीस हजार करोड़ रुपये की लागत से किसानों की मदद के लिये राहत पैकेज के 3 विकल्पों पर विचार कर रही है।

New Delhi, Jan 13 : तीन राज्यों में सत्ता गंवाने के बाद से बीजेपी आक्रामक मूड में नजर आ रही है, हाल ही में केन्द्र सरकार ने किसानों, छोटे व्यवसायियों और आर्थिक रुप से कमजोर लोगों का दिल जीतने के लिये एक के बाद एक कई फैसले ले रही है, सत्ताधारी बीजेपी ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर और भी कई वादे करने के मूड में है, वोटरों का दिल जीतने के लिये किये जा रहे फैसलों पर संसद में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये फैसले विकास और बदलाव के लिये है, कौन जीतेगा कौन हारेगा, ये फैसला तो जनता करेगी, हम आगामी चुनाव को लेकर आश्वस्त हैं कि देश की जनता एक बार फिर से मोदी की अगुवाई वाली सरकार को पूर्ण बहुमत देगी।

छोटे व्यापारियों की सहायता
केन्द्र सरकार ने 10 जनवरी को राष्ट्रीय बिक्री कर के नियमों में बदलाव की घोषणा की है, साथ ही दो मिलियन छोटे व्यापारियों को छूट मिलेगा, 40 लाख तक वार्षिक बिक्री वाले व्यवसायों को माल और सेवा कर (जीएसटी) से छूट दी जाएगी, वर्तमान में बीस लाख तक के सलाना टर्नओलर वाली फर्मों को छूट दी गई है, ये बदलाव अप्रैल से लागू होगा।

किसानों की मदद
विश्वस्त सरकारी सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार तीस हजार करोड़ रुपये की लागत से किसानों की मदद के लिये राहत पैकेज के 3 विकल्पों पर विचार कर रही है, संभावना जताई जा रही है, कि सभी जमींदार, किसानों तथा सरकारी कीमतों से नीचे फसल को बेचने वालों के लिये मुआवजे और कर्ज माफी के लिये सीधा भुगतान किया जाएगा।

नौकरी और शिक्षा में आरक्षण
बीते सप्ताह संसद ने बुधवार को सरकारी नौकरियों में दस फीसदी का ऐतिहासिक बिल पास किया, संविधान में संशोधन के बाद सरकारी नौकरियों में हर धर्म के सामान्य कैटेगरी के लोगों को नौकरी और शिक्षा में दस फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा।

प्याज
28 दिसंबर को सरकार ने प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के बाद किसानों के लिये निर्यात प्रोत्साहन को दस फीसदी तक बढा दिया है, निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रम किसानों को सरकार से कर्ज प्राप्त करने की अनुमति देता है, इसका उपयोग विभिन्न टैक्सों का भुगतान करने के लिये किया जा सकता है।

ई- कॉमर्स के नियम
केन्द्र सरकार ने 26 दिसंबर एमेजन और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट ग्रुप जैसी कंपनियों को उन कंपनियों को उत्पाद बेचने से रोक देगी, जिनमें इनकी इक्विटी इंटरेस्ट है। नया नियम 1 फरवरी से लागू होगा, खुदरा विक्रेताओं और व्यापारियों की शिकायत के बाद ये नियम बदला जा रहा है, लोगों का कहना था कि बड़ी कंपनियां अपने सहयोग से इन्वेंट्री पर नियंत्रण का उपयोग कर रही है, बिक्री समझौते के जरिये कम कीमत पर वस्तु की बिक्री कर रहे हैं।

बिक्री कर में कटौती
22 दिसंबर को केन्द्र सरकार ने टेलीविजन, बैटरी और फिल्म टिकट समेत बीस से ज्यादा वस्तुओं पर बिक्री टैक्स में कटौती की है, इस फैसले का उद्देश्य व्यापारियों और मध्यम वर्ग को खुश करना था, सरकार के इस फैसले का पूरे बॉलीवुड ने स्वागत किया था।