9 महीने पहले ही खत्म हो जाता ऑलराउंडर विजय शंकर का करियर, तब दिनेश कार्तिक ने बचाई थी ‘जान’

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भले विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया हो, जिसके ईनाम के तौर पर उन्हें भारतीय टीम में जगह दी गई, लेकिन पिछले साल उनकी काबिलियत पर ही सवाल उठने शुरु हो गये थे।

New Delhi, Jan 18 : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे मुकाबला जारी है, इस मैच में भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में ऑलराउंडर विजय शंकर को शामिल किया है, जो अपने करियर का पहला एकदिवसीय मैच खेल रहे हैं, मेलबर्न में टॉस से पहले विजय को रोहित शर्मा ने डेब्यू कैप सौंपी, आपको बता दें कि विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, वो बड़े हिट्स लगाने वाले बल्लेबाज और चालाक मीडियम पेसर गेंदबाज माने जाते हैं।

पिछले साल उठे थे काबिलियत पर सवाल
भले विजय ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया हो, जिसके ईनाम के तौर पर उन्हें भारतीय टीम में जगह दी गई, लेकिन पिछले साल उनकी काबिलियत पर ही सवाल उठने शुरु हो गये थे, मार्च 2018 में श्रीलंका में खेले गये निदाहास ट्रॉफी के फाइनल में विजय शंकर ने मैच फंसा दिया था, ये मुकाबला भारत और बांग्लादेश के बीच था, हालांकि तब दिनेश कार्तिक ने जादूई पारी खेलकर भारत को रोमांचक जीत दिलाई थी।

निदाहास टॉफी फाईनल
श्रीलंका में खेले गये निदाहास ट्रॉफी में भारत, श्रीलंका के अलावा तीसरी टीम बांग्लादेश थी, विराट कोहली इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं, उनकी जगह रोहित शर्मा कप्तानी कर रहे थे, फाइनल में भारत और बांग्लादेश की टीम पहुंची, विजय शंकर ने फाइनल में 19 गेंदों में 3 चौकों की मदद से 17 रन बनाये थे, तब टीम को तेजी से रन बनाने की जरुरत थी, लेकिन बड़े हिट्स खेलने के चक्कर में गेंद उनके बल्ले से लग ही नहीं रहा था, फिर विजय शंकर ऐन मौके पर कैच आउट होकर पवेलियन लौट गये, इस मुकाबले में टीम इंडिया को आखिरी 6 गेदों में 10 रनों की जरुरत थी, लेकिन विजय शंकर की वजह से शुरुआती 5 गेंदों में सिर्फ 5 रन ही बन सके, पांचवीं गेंद पर वो कैच आउट हो गये, जिसकी वजह से दिनेश कार्तिक स्ट्राइक पर आ गये।

कार्तिक ने खेली जादूई पारी
विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर सिक्सर जड़ भारतीय टीम को जीत दिला दी, या फिर ये कह सकते हैं कि बांग्लादेश के जबड़े से मैच छीन लाये, उस दिन दिनेश कार्तिक बल्लेबाजी में खुद से ऊपर विजय शंकर को भेजे जाने से नाराज थे, लेकिन उन्होने जिस तरह से मैच फिनिश किया, वो काबिले तारीफ था, 19वें ओवर में भी कार्तिक 20 से ज्यादा रन बनाये थे। अगर भारतीय टीम उस दिन मैच हार जाती, तो निश्चित रुप से विजय शंकर के करियर पर ग्रहण लग सकता था।

पंड्या की जगह मौका
वैसे टीम प्रबंधन का उस मुकाबले के बाद भी विजय शंकर पर भरोसा बरकरार है, उन्हें हार्दिक पंड्या की जगह टीम में मौका दिया गया है, उम्मीद है कि विजय शंकर पिछली गलतियों से सबक लेकर पहले से बेहतर खिलाड़ी बने होंगे। वीडियो देखने के लिये नीचे क्लिक करें

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