जल्द बीजेपी में शामिल होंगे अमर सिंह-जया प्रदा, इस सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी

बीजेपी के एक ओहदेदार नेता ने कहा कि आखिरी फैसला मोदी या शाह ही करेंगे, अमर सिंह के मामले में दूसरा कोई भी फैसला नहीं ले सकता।

New Delhi, Mar 17 : पूर्व सपा नेता और राज्यसभा सांसद अमर सिंह पिछले कुछ दिनों खूब मोदी भक्ति दिखा रहे हैं, हालांकि खुलकर मोदी-योगी के पक्ष में बयानबाजी करने के बाद भी अमित शाह उनके लिये पार्टी का दरवाजा नहीं खोल रहे हैं, अब कहा जा रहा है कि अमर सिंह और जया प्रदा को लोकसभा चुनाव में उतारा जा सकता है, हालांकि बीजेपी के एक ओहदेदार नेता ने कहा कि आखिरी फैसला मोदी या शाह ही करेंगे, अमर सिंह के मामले में दूसरा कोई भी फैसला नहीं ले सकता।

मिल सकता है टिकट
बीजेपी रणनीति के तहत यूपी में प्रत्याशी बदलने और कुछ सांसदों की सीट बदलने पर विचार कर रही है, कहा जा रहा है कि अमर सिंह की करीबी बॉलीवुड एक्ट्रेस जया प्रदा को रामपुर से और अमर सिंह को मुरादाबाद से टिकट मिल सकता है, हालांकि इस बारे में जब तक ऑफिशियल घोषणा नहीं हो जाती है, तब तक कयासों का दौर जारी रहेगा।

जया प्रदा को टिकट मिलना तय
आपको बता दें कि रामपुर सीट से डॉ. नेपाल सिंह की दावेदारी खत्म होने से बीजेपी यहां एक मजबूत प्रत्याशी तलाश रही है, जया प्रदा दो बार यहां से सांसद रही हैं, 2015 में बीजेपी हाईकमान से जया प्रदा की बात हो गई थी, वो पार्टी ज्वाइन करने वाली थी, लेकिन तब अमर सिंह सपा में थे, मुलायम सिंह यादव के कहने पर अमर सिंह ने उन्हें रोका था, अब दोनों एक साथ ही बीजेपी में जाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

आजम खान भी एक वजह
जया प्रदा की दावेदारी इसलिये भी मजबूत मानी जा रही है, क्योंकि आजम खान के साथ उनके तल्ख रिश्ते जगजाहिर है, कहा जाता है कि बीजेपी रामपुर में जया प्रदा को उतारकर बड़ा दांव खेलना चाहती है, क्योंकि अगर जया प्रदा उम्मीदवार बनी, तो निश्चित रुप से आजम खान उन पर बयानबाजी करेंगे, जिसका फायदा पार्टी को दूसरी सीटों पर भी मिल सकता है।

चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं अमर सिंह
अमर सिंह के करीबी सूत्रों का दावा है कि 2019 लोकसभा चुनाव में अमर सिंह खुद चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि उनका अभी 4 साल राज्यसभा बचा हुआ है, बताया जा रहा है कि वो जया प्रदा के लिये टिकट चाहते हैं, और बीजेपी में जगह। अमर सिंह खुलेआम ऐलान कर चुके हैं, कि चाहें बीजेपी में शामिल हों या ना हो, लेकिन अब वो मोदी जी के लिये काम करते रहेंगे।