बिहार में कांग्रेस को बड़ा झटका, दिग्‍गज नेता का राहुल गांधी को इस्‍तीफा, बोले – अब कड़ी टक्कर दूंगा

अहमद ने ट्वीट किया, ”मैंने कल (मंगलवार) मधुबनी लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करने का फैसला किया है। मैं कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं राहुल गांधी को इस्तीफा भेज रहा हूं।”

New Delhi, Apr 16 : महागठबंधन के फॉर्मूले कई दिग्‍गज नेताओं को रास नहीं आ रहे । बिहार में आरजेडी और अब कांग्रेस नेताओं में टिकट बंटवारे के बाद की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है । नतीजतन कांग्रेस के दिग्‍गज नेता ने निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला किया है । ये कांग्रेस नेता कोई और नहीं बल्कि यूपीए सरकार में केन्‍द्रीय मंत्री तक रह चुके शकील अहमद हैं । ये नाम सुनकर वाकई सबको झटका लग सकता है । शकील कांग्रेस के पुराने साथी है और राहुल – सोनिया के करीबी भी ।

मधुबनी से टिकट चाहते हैं शकील अहमद
दरअसल शकील अहमद बिहार की मधुबनी सीट से टिकट चाहते हैं । यहां से टिकट ना मिलने के कारण वो पार्टी से नाराज हो गए और वरिष्‍ठ प्रवक्‍ता पद से इस्‍तीफा देने के बाद ट्वीट कर कांग्रेस से अलग होने की जानकारी सबको दी । अहमद ने ट्वीट किया, ”मैंने कल (मंगलवार) मधुबनी लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करने का फैसला किया है। मैं कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं राहुल गांधी को इस्तीफा भेज रहा हूं।”

महागठबंधन के चलते दूसरे दल को मिली है मधुबनी सीट
दरअसल,बिहार में कांग्रेस महागठबंधन के तहत चुनाव मैदान में है । अब ऐसे में मधुबनी की सीट

”विकासशील इंसान पार्टी ” (वीआईपी) के खाते में चली गयी है । शकील अहमद पहले भी मधुबनी से सांसद रह चुके हैं, वह इसी सीट से टिकट मांग रहे थे । हालांकि मामले में कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है । कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि उन्‍हें फिलहाल शकील अहमद के इस्‍तीफे की जानकारी नहीं है । अगर उन्होंने इस्तीफा दिया है तो हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे।

दोसताना मुकाबले की इजाजत चाहते हैं शकील अहमद
शकील अहमद ने सोमवार को ‘‘भाषा’’ से बात करते हुए कहा कि उन्‍होने कांग्रेस के चिन्ह के लिये आग्रह किया है । उनकी राहुल गांधी से बातचीत की है । अहमद के मुताबिक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल से भी उन्‍होने बात की है । अहमद ने कहा, ‘‘मैंने आग्रह किया है कि जिस तरह से चतरा में हमारे उम्मीदवार के खिलाफ राजद ने दोस्ताना मुकाबले के रूप में अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। उसी तरह से मधुबनी में मुझे पार्टी का चिन्ह (कांग्रेस) देकर दोस्ताना मुकाबले में उतरने की अनुमति दी जाए।’’ कांग्रेस के दिग्‍गज नेता ने सुपौल का भी उदाहरण दिया, उन्‍होने कहा कि यहां से कांग्रेस उम्मीदवार रंजीत रंजन के खिलाफ राजद ने एक निर्दलीय का समर्थन किया है, उसी तरह से उन्‍हें भी निर्दलीय के रूप में पार्टी समर्थन दे सकती है।

मधुबनी से महागठबंधन के उम्‍मीदवार
आपको बता दें मधुबनी सीट महागठबंधन के घटक दलों में से एक विकासशील इंसान पार्टी को मिली है । पार्टी ने बद्री पुर्बे को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है । इस सीट पर पूर्बे का मुकाबला भाजपा के दिग्गज सांसद हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे अशोक यादव से होगा । आपको बता दें मधुबनी सीट से टिकट ना मिलने से आरजेडी के नेता भी नाराज हैं । टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने भी मधुबनी लोकसभा सीट से महागठबंधन उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है ।हालांकि शकील अहमद ने एक ट्वीट कर ये साफ किया कि वो पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, प्रवक्‍ता पद से त्‍यागपत्र दे रहे हैं ।