चिंदबरम केस में अंजना ओम कश्‍यप ने प्रियंका गांधी से पूछे सवाल तो वहीं श्‍वेता सिंह ने भी ले ली खबर

यूपीए सरकार में केन्‍द्रीय मंत्री रहे पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं । दिल्‍ली हाईकोर्ट के अग्रिम जमानत ना देने के फैसले के बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है ।

New Delhi, Aug 21: पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं । आईएनएक्स मीडिया केस में उनकी गिरफ्तारी कभी भी भी हो सकती है । दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से उन्हें अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया गया है । इस मामले में आदालत साफ कर चुकी है कि आईएनएक्स मीडिया केस में मनी लांड्रिंग के मामले में वो मुख्य साजिशकर्ता हैं, कोर्ट ने उन्हें इस मामले का किंगपिन कहा है। हाई कोर्ट के मुताबिक प्रभावी जांच के लिये उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जरुरत है । मामले में सोशल मीडिया पर चिदंबरम और कांग्रेस जमकर ट्रेंड कर रहे हैं । कुछ सीनियर टीवी एंकर्स ने भी सवाल पूछकर कांग्रेस की नाक में दम कर दिया है ।

सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग ट्वीट
बुधवार सुबह ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की टीम चिदंबरम से पूछताछ के लिये उनके घर  पहुंची थी, लेकिन अधिकारियों को चिदंबरम नहीं मिले, जिसके बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। मामले में सोशल मीडिया पर ट्वीट्स की भरमार है । आजतक की एंकर अंजना ओम कश्‍यप ने मामले में प्रियंका गांधी को भी घेरा है । अंजना ने ट्वीट किया – जो चिदंबरम कोर्ट की नज़र में ‘किंगपिन’ हैं । वो प्रियंका वाड्रा की नज़र में सच्चा हैं। राजनीतिक परिपक्वता का ऐसा अभूतपूर्व कौशल ये लाते कहाँ से हैं!

श्वेता सिंह का ट्वीट
वहीं टीवी एंकर श्‍वेता सिंह ने मामले में अ्वीट कर लिखा है –
चुनौती 1. हिम्मत है तो 370 हटा के दिखाओ!
चुनौती 2. भ्रष्ट हैं तो गिरफ़्तार करके दिखाओ!
चुनौती 3. ???
श्‍वेता सिंह के इस ट्वीट को राहित सरदाना ने भी अपने हैंडल से रीट्वीट किया है । जाहिर है चिंदबरम का अचानक से गायब हो जाना अपने आप में बड़े सवाल कर रहा है । देश के पूर्व वित्‍त मंत्री रहे पी चिदबंरम को इस मामले में मुख्‍य साजिशकर्ता माना गया है ।

चिदंबरम का बेटा भी मामले में शामिल: ईडी  
ईडी की ओर से दलील दी गई थी, कि जिन कंपनियों में पैसे दिये गये, उन सबसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से चिदंबरम के बेटे कार्ति भी शामिल हैं ।  उनके पास ये मानने की वजह है कि आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी मंजूरी उनके बेटे के दखल की वजह से मिली, 25 जुलाई 2018 को हाईकोर्ट ने चिदंबरम को दोनों ही मामलों में गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था, जिसकी अवधि समय-समय पर बढती रही। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चिदंबरम से जुड़ा आईएनएक्स मीडिया मामला मनी लांड्रिंग का एक क्लासिक उदाहरण है, कोर्ट केस को लेकर पहली नजर में मानना है कि इस मामले में बेहतर जांच के लिये उन्हें हिरासत में लेने और पूछताछ करने की जरुरत है, साथ ही कोर्ट ने कहा कि तथ्यों के आधार पर पता चलता है कि याचिकाकर्ता ने ही इस मामले की साजिश की है।