वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिये 5 बड़े फैसले, जानिये आपकी जेब पर क्या होगा असर

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बीपीसीएल में स्ट्रैटजिक विनिवेश करेगी, लेकिन बीपीसीएल का एक हिस्सा असम में नुमालीगढा रिफाइनरी को सरकार नहीं बेचेगी।

New Delhi, Nov 21 : मोदी सरकार ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉरपोपेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) समेत 5 सरकारी कंपनियों में स्ट्रैटेजिक विनिवेश को मंजूरी दे दी है, फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने बीपीसीएल, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कॉनकोर समेत पांच कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी है, तो कुछ में हिस्सा 51 फीसदी से घटाने को मंजूरी दी है, हालांकि इनमें मैनेजमेंट कंट्रोल सरकार के पास रहेगी।

नुमालीगढ रिफाइनरी नहीं बेचेगी सरकार
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बीपीसीएल में स्ट्रैटजिक विनिवेश करेगी, लेकिन बीपीसीएल का एक हिस्सा असम में नुमालीगढा रिफाइनरी को सरकार नहीं बेचेगी, उन्होने बताया कि नुमालीगढ रिफाइनरी लिमिटेड की 61.65 फीसदी हिस्सेदारी नहीं बेची जाएगी, इसमें सरकार की हिस्सेदारी रहेगी, बीपीसीएल का पूरा मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर होगा।

इन कंपनियों में हिस्सेदारी घटाएगी सरकार
सीतारमण ने कहा कि कैबिनेट ने 7 CPSEs में विनिवेश को मंजूरी दी है, कैबिनेट ने एससीआई में 63.75 फीसदी हिस्सेदारी और कॉनकोर में 30.8 फीसदी हिस्सेदारी घटाने की मंजूरी दी, खरीददार को एससीआई का मैनेजमेंट कंट्रोल भी मिलेगा, नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की 100 फीसदी हिस्सेदारी एनटीपीसी को दी जाएगी, वहीं टीएचडीसीएल इंडिया लिमिटेड का मैनेजमेंट कंट्रोल भी एनटीपीसी को मिलेगा।

1.2 लाख मीट्रिक टन प्याज होगा आयात
मोदी सरकार प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिये 1.2 लाख मीट्रिक टन प्याज आयात करने की मंजूरी दी है, इसके लिये प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड का इईस्तेमाल करने का प्रस्ताव है, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने 16 नवंबर को कहा था कि सरकारी कंपनी एमएमटीसी के जरिये सरकार एक लाख टन प्याज का आयात करेगी।