आप महाराष्‍ट्र में उलझे रहे इधर मध्‍य प्रदेश में सिंधिया ने किया बड़ा ‘गेम’, कमलनाथ की कुर्सी

आप महाराष्‍ट्र की खबरों में उलझे रहे यहां मध्‍यप्रदेश में कुछ ऐसा हो गया है कि कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आने लगी हैं । पार्टी के महासचिव सिंधिया के इस कदम के बाद राजनीतिक पारा बढ़ गया है ।

New Delhi, Nov 25: महाराष्‍ट्र में मचे सियासी ड्रामे के बीच बड़ी खबर मध्य प्रदेश से आ रही है । पिछले दिनों लगातार मुख्यमंत्री कमलनाथ को बार-बार पत्र लिखकर सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर कर चुके कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया  ने आज अपने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटाकर सबको हैरानी में डाल दिया । ज्‍योतिरादित्‍य ने अपने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटाते हुए खुद को समाजसेवक और क्रिकेटप्रेमी बताया है । सिंधिया का ये कदम मध्‍य प्रदेश की राजनीति में बड़े तूफान का संकेत माना जा सकता है ।

ट्विटर से हटाया पार्टी का नाम
सिंधिया के ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस पार्टी का नाम हटते ही मध्य प्रदेश के  राजनीतिक गलियारों में  सुगबुगाहट शुरू हो गई है । इतना ही नहीं सिंधिया के जल्द ही बीजेपी ज्वॉइन करने की अटकलें भी तेज हो गई हैं । अपने ट्विटर अकाउंट पर सिंधिया खुद को समाज सेवी और क्रिकेट प्रेमी बता रहे हैं, यहां तक कि उन्‍होने प्रोफाइल पर अपना पद भी हटा दिया है । सिंधिया की सोशल मीडिया पर ये अपडेट मध्य प्रदेश में सियासी चर्चाओं को तेज कर रही है ।

लगातार कर रहे थे अपनी सरकार से शिकायत
इन दिनों जनता की आवाज बने सिंधिया अपनी ही सरकार के विरोध में काम कर रहे थे, उन्‍होने कई बार मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर जनता के प्रति सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर की थी । वो कई बाद सरकार से जनता के पक्ष में काम करने की मांग कर चुके हैं । यहां आपको बता दें बीते महीने ही सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 4 लेटर लिखे थे, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की थी कि बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद और प्रदेश की सड़कों की हालिया हालत पर काम किया जाना चाहिए ।

जनता की समस्‍या पर ध्‍यान देने की अपील
सिंधिया ने नवंबर महीने में भी मुख्‍यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखते हुए दतिया के लोगों की समस्याएं बताई थीं । उन्‍होने अपने पत्र में सीएम को जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं द्वारा बताई जनता की समस्याओं से अवगत कराया । सिंधिया ने लिखा कि इन समस्याओं में महाविद्यालय बनाने, किसान फसल मुआवजा, जर्जर सड़कों की मरम्मत और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार जैसी जरुरी समस्याएं थी । सिंधिया ने पत्र में इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया था ।