बहुमत ना होने के बावजूद फडणवीस क्‍यों बने CM? 40 हजार करोड़ के ‘खेल’ का अब हुआ खुलासा

महाराष्‍ट्र में बीजेपी के पास बहुमत नहीं है, क्‍या ये बात जानते हुए भी फडणवीस ने शपथ ली थी । इस सवाल का जवाब बीजेपी के ही एक सांसद ने दे दिया है । और जो वजह बताई है वो हैरान करने वाली है ।

New Delhi, Dec 02: महाराष्‍ट्र में अब शिवसेना की सरकार है । लेकिन पिछले हफ्ते हुए घटनाक्रम में देवेन्‍द्र फडणवीस ने अचानक ही सीएम पद की शपथ लेकर सबको चौंका दिया था, उनके साथ अजीत पवार का समर्थन था जिन्‍होने डिप्‍टी सीम पद की शपथ ली । लेकिन कुछ ही घंटों मे तस्‍वीर बदलने लगी, पवार के पास जरूरी विधायकों का समर्थन नहीं था । सरकार के खिलाफ शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई । कोर्ट के फ्लोर टेस्‍ट के आदेश के बाद पूरी राजनीतिक तस्‍वीर बदलने लगी । फडणवीस और पवार ने जहां इस्‍तीफा दे दिया वहीं प्रदेश में एक नई सरकार का आगाज हुआ । लेकिन सवाल यही है कि बीजेपी को ये सब करने की जरूरत क्‍यों पड़ी । जब बहुमत ही नहीं था तो सरकार बनाकर कौन सा मजाक किया गया ।

बीजेपी सांसद ने खोली पोल
पूरे मामले में अब बीजेपी के ही एक सांसद ने सच सामने लाया है । कर्नाटक की उत्तर कन्नड़ लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर एक खुलासा किया है। हेगड़े का दावा है कि बीजेपी ने 40 हजार करोड़ रुपये का फंड बचाने के लिए फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाकर ड्रामा किया। हेगड़े ने बताया कि ‘आप सभी इस बात को जानते हैं कि महाराष्ट्र में हमारा आदमी 80 घंटे के लिए मुख्यमंत्री बना और फिर उसने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह नाटक क्यों किया? क्या हमें यह बात मालूम नहीं थी कि हमारे पास बहुमत नहीं है और फिर भी वह मुख्यमंत्री बन गए। यह वो सवाल है जो हर कोई पूछता है।’

40 हजार करोड़ का खेल
हेगड़े ने आगे कहा – ‘मुख्यमंत्री के पास केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपये थे। यदि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सत्ता में आते तो वे 40 हजार करोड़ रुपये का दुरुपयोग करते। यही वजह है कि केंद्र सरकार के इस पैसे को विकास के कार्यों में इस्तेमाल किया जा सके, इसके लिए यह ड्रामा किया गया।’

बहुत पहले से थी योजना – हेगड़े
पूर्व केंद्रीय अनंत कुमार हेगड़े ने कहा – ‘भाजपा की यह योजना बहुत पहले से थी। इसी कारण यह तय किया गया कि एक नाटक होना चाहिए। इसी के तहत फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने के 15 घंटे के अंदर फडणवीस ने 40 हजार करोड़ रुपयों को उस जगह पहुंचा दिया जहां से वो आए थे। इस तरह से फडणवीस ने सारा पैसा वापस केंद्र सरकार को देकर उसे बचा लिया।’