आम चुनाव से पहले राजस्थान में सियासी भूकंप, सीएम गहलोत को एक साथ मिले 8 इस्तीफे

इस सप्ताह के शुरुआत में ही अपनी ही सरकार की कार्यशैली से क्षुब्ध कांग्रेसी पार्षदों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सीएम अशोक गहलोत को भेज दिये हैं।

New Delhi, Mar 15 : राजस्थान के झुंझुनू जिले के सूरजगढ नगरपालिका की राजनीति में जबरदस्त बवाल मच गया है, इस सप्ताह के शुरुआत में ही अपनी ही सरकार की कार्यशैली से क्षुब्ध कांग्रेसी पार्षदों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सीएम अशोक गहलोत को भेज दिये हैं, सूत्रों का दावा है कि नगरपालिका के कई कांग्रेस के कई पार्षद गहलोत सरकार में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की कार्यशैली से नाराज हैं।

इस्तीफा भेजा
सूरजगढ नगरपालिका के पार्षदों की जब बात नहीं सुनी गई, उन्हें लगा कि उनकी समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा है, तो सात कांग्रेसी पार्षद और एक कांग्रेस समर्थित पार्षद ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूडीएच मिनिस्टर और कांग्रेस प्रभारी के साथ-साथ संगठन के जिला अध्यक्ष को भेज दिया है।

क्यों दिया इस्तीफा
आपको बता दें कि पार्षदों ने इस्तीफा क्यों भेजा है, इसकी कोई ठोस वजह नहीं बताई है, कहा जा रहा है कि सरकार से उन्होने कुछ समस्याओं को लेकर बात की थी, लेकिन उनका निदान नहीं निकाला गया, इसी बात से नाराज पार्षदों ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

सरकार के लिये फैसला आसान नहीं
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, आचार संहिता लग चुकी है, ऐसे में कोई राजकीय निर्णय लेना या फेरबदल करना सरकार के लिये आसान नहीं होगा, अब देखना है कि क्या सरकार चुनाव से ठीक पहले इन नाराज पार्षदों को मना पाने में कामयाब होती है, या नहीं।

राजस्थान में कांटे की टक्कर
राजस्थान में पिछले कुछ चुनाव से ट्रेंड रहा है कि हर पांच साल में सरकार बदल जाती है, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में लौट गई, 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां क्लीन स्वीप किया था, अब देखना है कि क्या राजस्थान में एक बार फिर मोदी लहर चलता है, या कांग्रेस वापसी करती है।