मानेसर जमीन घोटाले में हुड्डा के खिलाफ चार्जशीट दायर, CBI का कसा शिकंजा

मानेसर जमीन घोटाले में हरियाणा के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीबीआई का शिकंजा कस गया है। जानिए कैसे।

New Delhi Feb 02 : हरियाणा के मानेसर जमीन घोटाले में राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की गर्दन फंसती ही जा रही है। शुक्रवार को सीबीआई ने इस केस में हुड्डा के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। सीबीआई ने मानेसर जमीन घोटाले में हुड्डा समेत कुल 34 लोगों को आरोपी बनाया है। इस जमीन घोटाले की चार्जशीट पंचकुला में सीबीआई की विशेष अदालत में दायर की गई। दरअसल, ये मामला उस वक्‍त है जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार हुआ करती थी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप है कि उन्‍होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मानेसर में करीब चार सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे औने-पौने दामों पर अपने चहेतों और बिल्‍डर्स को दे दिया। इसके बाद जब हरियाणा में सत्‍ता परिवर्तन हुआ तो राज्‍य में मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने मानेसर जमीन घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी।

मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने इस केस की जांच 17 सितंबर 2015 को सीबाआई को सौंपी थी। इसके बाद से ही सीबीआई ने इस केस में बारीकी से जांच शुरु कर दी थी। मानेसर जमीन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने इस आरोप पर मामला दर्ज किया था कि 27 अगस्त, 2004 से लेकर 27 अगस्त 2007 के बीच यहां पर बड़े पैमाने पर जमीन का खेल हुआ। जिसमें निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुड़गांव के मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और जमीन मालिकों को इस बात कर डर दिखाया कि सरकार उनकी जमीन का अधिग्रहण करने वाली है। इसके बाद इन तीन गांवों की करीब चौर सौ एकड़ जमीन को औने-पौने दामों पर खरीद लिया गया। मानेसर जमीन घोटाले में ABW बिल्‍डर की भूमिका सबसे ज्‍यादा संदेहास्‍पद रही थी। इस बिल्‍डर से मिलीभगत कर 1600 करोड़ की जमीन को सौ करोड़ में हासिल कर लिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने इस केस में जिन 34 लोगों के खिलाफ अपनी चार्जशीट दायर की है उनके खिलाफ पुख्‍ता सबूत भी जुटाए हैं। शुक्रवार को सीबीआई के अफसरों ने पूरी अलमारी भर के चार्जशीट अदालत के दायर की। जिसमें चार्जशीट के अलावा इस केस से जुड़े तमाम दस्‍तावेज हैं। आरोपी किसी भी सूरत में बच ना पाएं इसके लिए चार्जशीट के साथ-साथ इनक्‍लोजर्स को बढ़ा दिया गया है। सीबीआई के साथ-साथ इस केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है। अभी पिछले साल ही सीबीआई की छापेमारी के बाद सितंबर महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस केस में हुड्डा के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने 1500 करोड़ रुपये के मानेसर प्लॉट आवंटन के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य लोगों के खिलाफ PMLA एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

CBI की एफआईआर के आधार पर ही ED ने हुड्डा और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया था। पिछले साल ही सीबीआई ने इस केस में हुड्डा और उनके कुछ नजदीकी सहयोगियों के करीब बीस ठिकानों पर छापेमारी की थी। CBI की ये छापेमारी हुड्डा के रोहतक वाले घर के अलावा दिल्ली, मानेसर और चंडीगढ़ के कई ठिकानों पर की गई थी। सीबीआई ने उस वक्‍त कई अफसरों के यहां पर भी छापेमारी की थी। मानेसर जमीन घोटाले में हुड्डा के अलावा तत्कालीन प्रधान सचिव एमएल तयाल और यूपीएसएसी के सदस्य छत्तर सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा आईएएस अफसर एसएस ढिल्लन के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की गई है। जाहिर आने वाले दिनों में इस केस में हुड्डा समेत सभी 34 आरोपियों की मुश्किलें बढ़नी तय हैं जिनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। इस केस में इन लोगों को जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है।