पिता थे शराबी, बार-बार आता था जान देने का ख्याल, लड़के से लड़की बनी, राजनीतिक पार्टी में मिली बड़ी जिम्मेदारी

अगर राजनीतिक करियर की बात करें, तो उन्होने शुरुआत साल 2016 में जयललिता की पार्टी एआईएडीएम के साथ की थी, वो जयललिता की पार्टी की प्रवक्ता थी।

New Delhi, Jan 09 : कांग्रेस ने अप्सरा रेड्डी को ऑल इंडिया महिला कांग्रेस में बड़ा पद दिया है, उन्हें राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है, आपको बता दें कि कांग्रेस देश की पहली राजनीतिक पार्टी है, जिसने एक ट्रांसजेंडर को अपना राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है, इतना बड़ा पद मिलने के बाक लोग अप्सरा रेड्डी की तारीफ कर रहे हैं, हालांकि एक दौर ऐसा भी था, जब समाज उनका तिरस्कार कर रहा था। आइये आपको बताते हैं कि अप्सरा रेड्डी कैसे लड़के से लड़की बनीं और अपना जेंडर बदलवाया।

आंध्र प्रदेश में जन्म
अप्सरा का जन्म आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में हुआ था, उनका असली नाम अजय रेड्डी था, अप्सरा ने थाईलैंड के येन ही हॉस्पीटल में अपना जेंडर चेंज करवाया, तीन महीने तक वो डॉक्टरों की देख-रेख में रही, 8 महीने बैंकॉक में रहने के बाद वो वापस देश लौट आई।

खुदकुशी का ख्याल आता था
एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने बताया था कि उनकी सर्जरी करीब 8 घंटे चली, फिर दो घंटे उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, जब उन्हें होश आया, तो काफी दर्द हुआ, लेकिन फिर भी वो बेहद खुश थीं, अप्सरा के इस फैसले में उनकी मां ने उनका भरपूर साथ दिया था, लेकिन पिता इस ऑपरेशन से बेहद नाराज थे, सर्जरी के अगले चार दिनों तक वो अस्पताल में ही रही, फिर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, हॉर्मोन थेरेपी के दौरान उन्हें कई बार खुदकुशी का ख्याल आता था।

पत्रकार रह चुकी हैं अप्सरा
लिंग बदलवाने से पहले अप्सरा रेड्डी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, स्कूल-कॉलेज से लेकर ऑफिस में भी उनके साथ भेदभाव किया गया, मालूम हो कि अप्सरा रेड्डी एक पत्रकार रह चुकी हैं, उन्होने बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर, ऐश्वर्या राय, माइकल शुमाकर जैसी बड़ी हस्तियों का इंटरव्यू किया है। वो एक तमिल शो भी होस्ट कर चुकी हैं।

राजनीतिक करियर
अगर राजनीतिक करियर की बात करें, तो उन्होने शुरुआत साल 2016 में जयललिता की पार्टी एआईएडीएम के साथ की थी, वो जयललिता की पार्टी की प्रवक्ता थी, उसके बाद वहां से बीजेपी का रुख किया, लेकिन वहां भी ज्यादा समय नहीं रुक सकी और फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया, अब कांग्रेस पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।