एक और झटके लिए तैयार रहें केजरीवाल, सामने से खुलकर बोलीं अलका लांबा, कांग्रेस बुलाए तो सही

अलका लांबा से जब ये पूछा गया कि क्‍या वो कांग्रेस में जाना चाहती हैं, तो उन्‍होने साफ कहा कि अगर उन्‍हें प्रस्‍ताव दिया जाएगा तो वो जरूर विचार करेंगी । लेकिन इसके लिए कांग्रेस को सामने से उन्‍हें कहना होगा ।

New Delhi, Mar 16 : दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस से जोड-तोड़ बिठाने पर लगी है । वहीं पार्टी में कुछ अंदरूनी मसले ऐसे हैं जो इसकी नींव को हिला सकते हैं । पार्टी की पुरानी कार्यकर्ता अलका लांबा ने पार्टी छोड़ने के संकेत दे दिए हैं । अलका लांबा और आम आदमी पार्टी के बीच की तनातनी पिछले काफी दिनों से मीडिया में है । लेकिन लांबा ने इस बार खुलकर कह दिया है कि अगर कांग्रेस उन्‍हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर देती है तो वो जरूर सोचेंगी ।

AAP से असंतुष्‍ट हैं अलका लांबा
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले आम आदमी पार्टी के लिए ये बड़ा झटका हो सकता है । पार्टी कीअसंतुष्‍ट विधायक अलका लांबा के इस बयान ने पार्टी को सकते में डाल दिया है । अलका लांबा ने शुक्रवार को अपने मन की बात मीडिया से कह ही दी । उनसे जब ये पूछा गया कि क्‍या वो कांग्रेस में जाना चाहती हैं, तो उन्‍होने साफ कहा कि अगर उन्‍हें प्रस्‍ताव दिया जाएगा तो वो जरूर विचार करेंगी । लेकिन इसके लिए कांग्रेस को सामने से उन्‍हें कहना होगा ।

बीजेपी के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने को तैयार
अलका लांबा ने मीडिया से बातचीत में ये भी कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली में कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन की संभावना बन रही है । वहीं कांग्रेस में शामिल होने पर अलका ने कहा – ‘यह समय भाजपा के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में में शामिल होने का है और अगर कांग्रेस मुझसे संपर्क करती है तो मैं प्रस्ताव पर विचार करूंगी और इससे इंकार नहीं करूंगी।’

कांग्रेस में वापसी !
आपको बता दें अल्‍का लांबा लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रह चुकी हैं । आम आदमी पार्टी आने के बाद उन्‍होने केजरीवाल का साथ दिया और कांग्रेस का हाथ छोड़ झाड़ू पकड़ ली । पिछले कुछ दिनों से वो लगातार आम आदमी पार्टी से असंतुष्‍ट हैं । पार्टी उनके बयानों में उनके साथ नजर नहीं आती । ऐसे में अलका ने कहा – ‘मैं दो दशक तक कांग्रेस में रही हूं. कांग्रेस अच्छा कर रही है और यह समय भाजपा के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने का है।’

इस वजह से बढ़े मतभेद
दरअसल अलका लांबा और आम आदमी पार्टी में मतभेद पिछले दो महीने से बने हुए हैं । दिसंबर के आखिरी हफ्ते में दिल्ली विधानसभा में भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लिए जाने का एक प्रस्ताव पास किये जाने की खबर आई थी । जिसे बाद में AAP  ने नकार दिया गया । पार्टी सूत्रों के अनुसार विधायक अलका लांबा ने दिल्ली कांग्रेस के एक नेता के कहने ऐसा किया और सोमनाथ भारती के जरिए 1984 हिंसा संबंधित मूल प्रस्ताव में इसे शामिल करवाया । जबकि अलका लांबा इस पर साफ कह रही है कि उन्‍होने इस प्रस्‍ताव का विरोध किया था और वो सदन से बाहर चली गई थी’।