चमकी बुखार से बिहार में मचा है हाहाकार, 54 मासूमों की मौत, कैसे बचना है आगे पढ़ें

चमकी बुखार का कहर बिहार में कई मांओं की गोद सूनी कर चुका है । इस बुखार से अब तक 54 मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं । कई की हालत नाजुक बनी हुई है ।

New Delhi, Jun 14 : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में इन दिनों चमकी बुखार ने कहर बरपाया हुआ है । एक के बाद एक हो रही बच्‍चों की मौत के कारण अस्‍पताल मांओं की चीखों से गूंज रहा है । अब तक 54 बच्‍चे इसकी चपेट में आ चुके हैं और कई अस्‍पताल में इस बीमारी से जूझ रहे हैं । इस बीमारी को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम भी कहा जाता है । जानकारी के अनुसार 46 बच्चों की मौत सिर्फ श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में हुई है, जबकि 8 बच्चे केजरीवाल अस्पताल में जान गंवा चुके हैं । इस बीमारी से कैसे बचें, इसके लक्षण आदि सब आगे पढ़ें ।

15 वर्ष तक के बच्‍चों को खतरा
चमकी बुखार का खतरा 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चों में देखा जा रहा है । हालांकि मरने वाले बच्चों   की उम्र एक से सात साल के बीच है । छोटे बच्‍चों को ये गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है । बच्चों की मौत की वजह को लेकर डॉक्टरों की राय भी बंटी हुई नजर आ रही है । कुछ इसकी वजह बिहार में अब तक बारिश का ना होना मान रहे हैं तो वहीं बच्चों के बीमार होने के पीछे ‘लीची कनेक्शन’ को भी देखा जा रहा है ।

बुखार के लक्षण
इस बीमारी के लक्षण में लगातार तेज बुखार चढ़े रहना, बदन में लगातार ऐंठन होना, दांत पर दांत दबाए रहना, सुस्ती चढ़ना, कमजोरी की वजह से बेहोशी, चिउंटी काटने पर शरीर में कोई गतिविधि न होना है । इसके साथ ही उल्‍टी दस्‍त और शरीर में रह रहकर कंपन होना मुख्‍य लक्षण हैं । ऐसे लक्षण दिखें तो फौरन उपचार को भागे, देर ना करें । ये बुखार जानलेवा साबित हो रहे हैं ।

ये है उपचार
चमकी बुखार से पीड़ित के शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए । बच्चों को सिर्फ हेल्दी खाना दें । रात को खाना खाने के बाद हल्का फुल्का मीठा जरूर दें । डॉक्‍टर्स के मुताबिक चमकी ग्रस्त बच्चों में हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर की कमी देखी जा रही है । फिलहाल जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाई अलर्ट पर है, चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों के इलाज की समुचित व्यवस्था भी की गई है ।  ध्‍यान रहे कि बच्चों को झूठे व सड़े हुए फल न खाने दें । बच्चों को सूअर के आस पास ना जाने दें । स्‍वच्‍छता का ख्‍याल रखें ।