महाराष्ट्र में बीजेपी आखिरी दांव खेलने की तैयारी में, आदित्‍य ठाकरे भी होटल में बंद विधायकों से मिले

आपको बता दें शिवसेना ने अपने विधायकों को फज्ञइव स्‍टार होटल रंग शारदा में ठहराया हुआ है । आदित्य ठाकरे अपनी कार खुद चलाकर विधायकों से मिलने आज सुबह ही रंगशारदा होटल पहुंचे ।

New Delhi, Nov 08: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सस्सपेंस अब भी जारी है। शिवसेना ने जहां अपने विधायकों को फाइव-स्टार होटल में शिफ्ट कर दिया है तो वहीं बीजेपी भी किसी तरह से सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है । शिवसेना के कदम से साफ है कि उसका बीजेपी से विश्‍वास उठ रहा है और पार्टी डरी हुई है कि उसके विधायकों के साथ खरीद-फरोख्‍त की कोशिशें ना की जाएं । हालांकि इन खबरों के बीच कुछ ऐसे भी खबरें आ रही हें जो गठबंधन बचाने की भी कोशिश कर रही हैं ।

गडकरी कर सकते हैं कोशिश
गुरुवार को लगातार ये चर्चा में रहा कि बीजेपी गडकरी को सामने लाकर शिवसेना का मना सकती है, लेकिन नितिन गडकरी ने ये साफ कर दिया कि वो महाराष्‍ट्र की राजनीति से अलग अभी दिल्‍ली में काम कर रहे हैं । सरकार फड़नवीस के नेतृत्‍व में ही बनेगी । खबर है कि गड़करी अपनी ओर से शिवसेना को मनाने की एक कोशिश कर सकते हैं । संभवत: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री नितिन गडकरी मातोश्री जाकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं।

फड़नवीस को देना होगा इस्‍तीफा
महाराष्‍ट्र में सरकार गठन के लिए बस आज का ही दिन है, अगर आज कोई समाधान नहीं निकलता तो मुख्‍यमंत्री देवेन्‍द्र फड़नवीस को इस्‍तीफा देना पड़ेगा और राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन शुरू हो जाएगा । आपको बता दें चुनाव परिणाम के बाद से ही बीजेपी और शिवसेना में तनातनी जारी है, दोनों ही दल अपनी पार्टी से सीएम बनाने पर अड़े हैं। शिवसेना का कहना है कि वह गठबंधन जिन शर्तों पर हुआ है उसी पर आगे बढ़ रही है जबकि बीजेपी अब मुकर रही है ।

होटल में विधायकों से मिले आदित्‍य
वहीं आदित्‍य ठाकरे होटल में बंद अपने विधायकों से मिलकर आए । वो करीब घंटे भर तक अपने विधायकों के साथ रहे । आपको बता दें शिवसेना ने अपने विधायकों को फाइव स्‍टार होटल रंग शारदा में ठहराया हुआ है । आदित्य ठाकरे अपनी कार खुद चलाकर विधायकों से मिलने आज सुबह ही रंगशारदा होटल पहुंचे । इनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता रामदास कदम और एकनाथ शिंदे भी फिर से होटल पहुंचे । देखना होगा महाराष्‍ट्र में मचे इस राजनीतिक घमासान का क्‍या समाधान निकलता है।