शरद पवार का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, राष्‍ट्रपति पद के प्रस्‍ताव से लेकर मोदी मुलाकात पर कही ये बात

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मोदी से मुलाकात में क्‍या कुछ बात हुईं, इसे लेकर बड़ा खुलासा किया है । उस दौरान चल रही कई अटकलों से भी पर्दा उठाया है ।

New Delhi, Dec 03: महाराष्‍ट्र में एनसीपी और कांग्रेस की समर्थन से शिवसेना ने सरकार बनाई है । महा विकास अघाड़ी नाम से इस गठबंधन की सरकार राज्‍य में जनता के लिए समर्पण भाव से काम करने का दावा कर रही है । लेकिन इस सरकार गठन के पहले तक बीजेपी और एनसीपी के साथ आने की सुगबुगाहट तेज थी, इस बीच हुई ख्‍शरद पवार और पीएम मोदी की मुलाकात बड़ी अहम मानी जा रही थी । लेकिन बैठक से कुछ भी नहीं निकला । लेकिन अब शरद पवार ने इस मुलाकात को लेकर बड़ी बातें कही हैं ।

प्रधानमंत्री ने दिया था मिलकर काम करने का प्रस्‍ताव : पवार
एनसीपी प्रमुख शरद पवार एबीपी माझा से हुई बातचीत में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘साथ मिलकर’ काम करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया । पवार ने कहा – ‘‘मोदी ने मुझे साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था । मैंने उनसे कहा कि हमारे निजी संबंध बहुत अच्छे हैं और वे हमेशा रहेंगे लेकिन मेरे लिए साथ मिलकर काम करना संभव नहीं है।’’

नहीं मिला राष्‍ट्रपति बनाने का प्रस्‍ताव
शरद पवार ने ऐसी खबरों को भी खारिज कर दिया कि मोदी सरकार ने उन्हें देश का राष्ट्रपति बनाने   का प्रस्ताव दिया । उन्होंने कहा कि ये सब अफवाहें हैं, मोदी सरकार की ओर से उन्‍हें ऐसा कोई प्रस्‍ताव नहीं दिया गया । लेकिन पवार ने ये भी माना कि उन्‍हें एक प्रस्‍ताव दिया गया था जो उनकी बेटी के लिए था । पवार ने कहा –  ‘‘ मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में सुप्रिया (सुले) को मंत्री बनाने का एक प्रस्ताव जरूर मिला था।’’ आपको बता दें सुप्रिया सुले, पवार की बेटी हैं और पुणे जिला में बारामती से लोकसभा सदस्य हैं ।

दिल्‍ली में हुई थी मोदी से मुलाकात
महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों सरकार गठन को लेकर चले घटनाक्रम के बीच पवार ने दिल्ली में मोदी से मुलाकात की थी । हालांकि इस मुलाकात का एजेंडा किसानों की समस्‍या बताया गया था, लेकिन असल में बात कुछ और ही थी । प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद एनसीपी की जमकर तारीफ की, जिसके चलते भी एनसीपी से बीजेपी की करीबी की अटकलें लगाई जाने लगी थीं । मोदी ने सदन में एनसीपी की तारीफ करते हुए कहा था कि संसदीय नियमों का पालन कैसे किया जाता है इस बारे में सभी दलों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से सीखना चाहिए ।

अजीत पवार पर बोले शरद पवार
शदर पवार ने अजीत पवार के बीजेपी को समर्थन पर भी कहा । उन्‍होने कहा कि 28 नवंबर को जब उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उस समय अजित पवार को शपथ नहीं दिलाने का फैसला ‘सोच समझकर’ लिया गया । पवार ने इंटरव्‍यू में बताया कि ‘‘जब मुझे अजित के समर्थन के बारे में पता चला तो सबसे पहले मैंने ठाकरे से संपर्क किया । मैंने उन्हें बताया कि जो हुआ वह ठीक नहीं है और उन्हें भरोसा दिया कि मैं इसे  दबा दूंगा।’’ पवार ने आगे बताया – ‘‘जब एनसीपी में सबको पता चला कि अजित के कदम को मेरा समर्थन नहीं है, तो जो पांच-दस उनके साथ थे, उनपर दबाव बढ़ गया।’’ एनसीपी प्रमुख ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि परिवार में क्या किसी ने बात की थी । लेकिन परिवार के सभी का मानना था कि अजित ने गलत किया । पवार ने कहा कि –  ‘‘बाद में मैंने उनसे कहा कि जो कुछ भी उन्होंने किया वह क्षम्य नहीं है । जो कोई भी ऐसा करेगा उसे परिणाम भुगतान होगा और आप अपवाद नहीं हैं।’’